बुंदेलखंड में सोने के भंडार का पता चलानई दिल्ली | वर्षो से सूखे की मार झेलता रहा बुंदेलखंड सोना भी उगल सकता है। इस सूखी मिट्टी के शुरुआती लक्षण और परीक्षण पूरी तरह ठीक निकले तो यह क्षेत्र कीमती धातु सोने के लिए भी जाना जाएगा। बुंदेलखंड के ललितपुर जिले में सोने के भंडार का पता चला है। सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले दो-तीन वर्षो में बुंदेलखंड का यह इलाका उत्तर प्रदेश में सोने के सबसे बड़े भंडार के लिए मशहूर होगा। उत्तर प्रदेश खनन विभाग को ललितपुर से 90 किलोमीटर दूर गिरार गांव में जमीन से 290 मीटर नीचे सोने के भंडार का पता चला है। यहां से निकले सोने का विस्तृत ब्योरा जानने के लिए उत्तर प्रदेश खनन विभाग ने कनाडियाई कंपनी मैक्सटेक रिसोर्सेस लिमिटेड के साथ दो वर्षो के लिए एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। राज्य सरकार से मिले रिकानिसंस परमिट (आरपी) के तहत यह कंपनी सोने की गुणवत्ता और भंडार खोजने के लिए 67 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसी के तहत सोने के भंडार क्षेत्र की एरियल मैपिंग, सरफेस सैंपलिंग की जाएगी। खनन विभाग को सोनभद्र जिले में भी सोने के भंडार का पता चला है। शुरुआती जानकारियों के मुताबिक यहां सोने की मात्रा बुंदेलखंड क्षेत्र से कम होने के कयास लगाए जा रहे हैं। दैनिक जागरण से बातचीत में उत्तर प्रदेश के जियोलॉजी व माइनिंग विभाग में सलाहकार एसए ़फारुकी ने बताया कि गिरार गांव में सोने के भंडार का पता चला है। सोने की खोज 3.5 किलोमीटर लंबे व 300-400 मीटर चौड़े क्षेत्रफल में हुई है। यहां से 0.5 ग्राम प्रति टन से 13.5 ग्राम प्रति टन (एक टन मिट्टी से प्राप्त होने वाली सोने की मात्रा) की गुणवत्ता वाला सोना मिलने की संभावना है। फिलहाल, इससे ज्यादा कुछ कहना जल्दबाजी होगी। यूनाइटेड नेशन फे्रमवर्क क्लासीफिकेशन (यूएनएफसी) प्रणाली के तहत अप्रैल, 2005 तक भारत में 390.29 मिलियन टन सोने के अयस्क (स्वर्ण युक्त मिट्टी) का अनुमान लगाया गया है। इसमें 1.925 करोड़ टन को सुरक्षित श्रेणी में रखा गया। जबकि 37.104 करोड़ टन को बचे हुए संसाधनों को श्रेणी में रखा गया है। अयस्क के रूप में सोने का भंडार बिहार, कर्नाटक, राजस्थान पश्चिम बंगाल, आंध प्रदेश, केरल और मध्य प्रदेश में मिला है। सबसे ज्यादा स्वर्ण घनत्व वाला अयस्क कर्नाटक, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, बिहार और आंध्र प्रदेश में मिला है। देश में सोने का भंडार पता लगाने के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, कर्नाटक, केरल में काम शुरू किया था। इस दौरान मिनिरल एक्स्प्लोरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान में जबकि हुट्टी गोल्ड माइंस कंपनी ने कर्नाटक के रायचूर जिले में सोने का उत्खनन किया था। वैसे दुनिया में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, चीन, पेरू, कनाडा और इंडोनेशिया में सोने के बेहतर भंडार मौजूद हैं। सोने का उपयोग आमतौर पर सोने का इस्तेमाल आभूषण बनाने में किया जाता है। अब सोने ने इलेक्ट्रॉनिक्स में जगह बनानी शुरू कर दी है। इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस के मुताबिक सोने की 85 फीसदी खपत आभूषणों में होती है। जबकि इलेक्ट्रानिक्स में छह फीसदी और गिन्नियों में दो फीसदी खपत होती है। प्लैटिनम और पैलेडियम को सोने के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। परंतु इनकी कीमत सोने से अधिक होने के कारण इनका इस्तेमाल कम ही है।
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