कटनी-चूना पत्थर के शहर के नाम से लोकप्रिय उत्तरी मध्य प्रदेश का कटनी 4950 वर्ग किमी. के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यह कटनी जिला का मुख्यालय है। ढीमरखेड़ा, बहोरीबंद, मुरवाड़ा और करोन्दी यहां के लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं। मुड़वाड़ा कटनी, छोटी महानदी और उमदर यहां से बहने वाली प्रमुख नदियां हैं। कटनी का स्लिमनाबाद गांव संगमरमर के पत्थरों के लिए प्रसिद्ध है। प्रमुख आकर्षणझिंझरीकटनी जिले के जबलपुर रोड में स्थित यह ऐतिहासिक स्थल कटनी से 3 किमी. दूर है। यहां चूना पत्थर की 14 विशाल चट्टानें देखी जा सकती है। यह चट्टानें प्रागैतिहासिक काल की मानी जाती हैं। इन चट्टानों में औजारों, पशुओं के चित्र, मानवाकृति, पेड़ और पत्तों के चित्र देखे जा सकते हैं। यह चित्र 10000 ईसा पूर्व से 4000 ईसा पूर्व के माने जाते हैं। हरीश नामदेव रूपनाथयह तीर्थस्थल बहोरीबंद से 3 किमी. दूर है। भगवान शिव की पंचलिंग की आकर्षक प्रतिमा यहीं स्थापित है। यह एक-दूसर के ऊपर बने तीन कुंड देखे जा सकते हैं। सबसे निचले कुंड को सीताकुंड, बीच के कुंड को लक्ष्मण कुंड और सबसे ऊपर वाले कुंड को राम कुंड के नाम से जाना जाता है। विजयराघवगढ़यह ऐतिहासिक स्थल कटनी से लगभग 30 किमी. दूर है। राजा प्रयागदास के काल में यह एक विशाल और लोकप्रिय नगर था। विजयराघवगढ़ किला यहां का मुख्य आकर्षण है। भगवान विजयराघव को समर्पित एक मंदिर भी यहां देखा जा सकता है। बिलहेरीबिलहेरी कटनी से करीब 14 किमी. की दूरी पर स्थित है। प्राचीन काल में पशुपति नगरी के नाम से विख्यात इस नगर में अनेक प्राचीन मूर्तियां देखी जा सकती हैं। यहां से प्राप्त अनेक ऐतिहासिक और प्राचीन वस्तुओं को नागपुर संग्रहालय में रखा गया है। बहोरीबंदबहोरीबंद गांव के आसपास अनेक ऐतिहासिक स्मारकों को देखा जा सकता है। जैन तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ की 12 फीट ऊंची प्रतिमा, भगवान विष्णु और सूर्य की प्रतिमाएं यहां का मुख्य आकर्षण हैं। यहां एक कुंड के निकट स्थित एक पत्थर में भगवान विष्णु के दस अवतारों को प्रदर्शित किया गया है। यहां स्टोन पार्क की स्थापना के बाद इस गांव का महत्व और बढ़ गया है। तिगावनकटनी जिले का यह छोटा-सा गांव प्रारंभ में झांझरागढ़ के नाम से जाना जाता था। सपाट छत वाला 1500 साल पुराना मंदिर यहां देखा जा सकता है। तिगावन में 30 से भी अधिक मंदिरों को अवशेष हैं। इस गांव के चारों तरफ अनेक मूर्तियां देखी जा सकती हैं। भगवान नरसिंह और पार्श्वनाथ की प्रतिमा काफी लोकप्रिय है। आवागमन-वायु मार्गजबलपुर विमानक्षेत्र, कटनी का नजदीकी एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट भारत के अनेक शहरों से वायुमार्ग द्वारा जुड़ा है। जबलपुर यहां से करीब 100 किमी. की दूरी पर है। रेल मार्गकटनी जंक्शन रेलवे स्टेशन मध्य भारत का प्रमुख रेलवे स्टेशन है। देश के अनेक हिस्सों से यहां के लिए नियमित ट्रेनें चलती हैं। सड़क मार्गराष्ट्रीय राजमार्ग 7 कटनी को राज्य और पड़ोसी राज्यों के अनेक शहरों से जोड़ता है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के अनेक शहरों से यहां के लिए राज्य परिवहन निगम की नियमित बसों की व्यवस्था है। कटनी का वर्गीकरण इस प्रकार है
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