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नरसिंहपुर मध्य प्रदेश के केन्द्र में स्थित एक शहर है। यह नरसिंहपुर जिला मुख्यालय भी है। मध्य प्रदेश के मध्य में स्थित नरसिंहपुर 5000 वर्ग किमी. के क्षेत्रफल में फैला राज्य का प्रमुख जिला है। उत्तर में विन्ध्याचल और दक्षिण में सतपुड़ा की पहाड़ियों से घिरे नरसिंहपुर पर प्रकृति खूब मेहरबान हुई है। पवित्र नर्मदा नदी जिले की खूबसूरती में वृद्धि करती है। प्राचीन काल में यहां अनेक वंशों ने शासन किया था। महान वीरांगना रानी दुर्गावती के काल में यह स्‍थान काफी चर्चित रहा था। यहां अनेक ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल हैं। नरसिंह मंदिर, ब्राह्मण घाट, जोटेश्‍वर आश्रम और दमारू घाटी यहां के लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं।

नरसिंह मंदिर -:
नरसिंहपुर का यह प्राचीन मंदिर जबलपुर से लगभग 84 किमी. दूर है। मंदिर को 18वीं शताब्दी में एक जाट सरदार ने बनवाया था। मंदिर में विष्णु के अवतार भगवान नरसिंह की सपाट प्रतिमा स्थापित है।

ब्राह्मण घाट
-:
नर्मदा नदी के मणि सागर पर बना यह घाट नरसिंहपुर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में है। भगवान ब्रह्मा की यज्ञशाला, रानी दुर्गावती मंदिर, हाथी दरवाजा और वराह मूर्ति यहां के मुख्य आकर्षण हैं। मकर संक्रांति और बसंत पंचमी के अवसर पर यह स्थान संगीत और रंगों से जीवंत हो उठता है।

जोटेश्‍वर आश्रम
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यह आश्रम परमहंसी गंगा आश्रम के नाम से भी जाना जाता है। नरसिंहपुर का यह लोकप्रिय आध्यात्मिक केन्द्र संत जगतगुरू शंकराचार्य जोतेश और द्वारकाधीश पीठाधेश्‍वर सरस्वती महाराज से संबंधित है। कहा जाता है कि उन्होंने काफी लंबे समय तक ध्यान लगाया था। सुनहरा राजाराजेश्‍वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर यहां का मुख्य आकर्षण है। जोटेश्‍वर मंदिर, लोधेश्‍वर मंदिर, हनुमान टेकरी और शिवलिंग यहां के अन्य पूज्यनीय स्थल हैं। बसंत पंचमी के मौके पर यहां सात दिन तक समारोह आयोजित किया जाता है।

दमारू घाटी
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दमारू घाटी नरसिंहपुर का एक पवित्र स्थल है। गदरवारा रेलवे स्टेशन से यह घाटी 3 किमी. की दूरी पर है। घाटी की मुख्य विशेषता यहां के दो शिवलिंग है। यहां बड़े शिवलिंग के भीतर एक छोटा शिवलिंग बना हुआ है।

बचई
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इस प्राचीन नगर की खुदाई से अनेक ऐतिहासिक इमारतों का पता चला है। इतिहास की किताबों और दूसरी शताब्दी की हस्तलिपियों में इस स्थान का उल्लेख मिलता है। बचई के निकट ही बरहाटा एक अन्य ऐतिहासिक स्थल है।

बिलथारी
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प्रारंभ में बालीस्थली के नाम से मशहूर यह नरसिंहपुर का एक छोटा-सा गांव है। यह स्थान महाभारत से भी संबंधित माना जाता है। कहा जाता है कि पांडवों ने अपने वनवास का कुछ समय यहां व्यतीत किया था।

आवागमन

वायु मार्ग
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जबलपुर विमानक्षेत्र यहां का नजदीकी एयरपोर्ट जो नरसिंहपुर से करीब 84 किमी. दूर है। देश के अनेक शहर इस एयरपोर्ट से वायुमार्ग द्वारा जुड़े हैं।

रेल मार्ग
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नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन मुंबई-हावडा रूट का प्रमुख स्टेशन है। इस रूट पर चलने वाली ट्रेनें नरसिंहपुर को देश के अन्य शहरों से जोड़ती हैं।

सड़क मार्ग
-:
नरसिंहपुर सड़क मार्ग द्वारा जबलपुर, छिंडवाडा, सियोनी, होशंगाबाद आदि शहरों से जुड़ा हुआ है। राज्य के अनेक शहरों से यहां के लिए बसें चलती हैं।

नरसिंहपुर का वर्गीकरण इस प्रकार है

जिला क्षेत्रफल (वर्ग कि.मी.) जनसंख्या तहसील विकासखंड संभाग
नरसिंहपुर 5,125 9,57,399

नरसिंहपुर,गोरेगांव,करेली,
गाडरवारा,तेंदूखेडा

नरसिंहपुर,गोरेगांव,करेली,
साईंखेडा,बाबईचीचली,चावरपाठा

जबलपुर
Area 5125.55 sq. km
Latitude 22º.45 to 23º.15N
Longitude 78º.38 to 79º.38 E
Altitude 359.8 Meters
Population (2001) 9, 57,399
Males 5, 01,407
Females 4, 55,992
Population density 153 per sq. km (1991)
Sex Ratio (1991) 913 females per 1000 males
Literacy Rate 66.05%
No. of Tehsil 05
No. of Blocks 06
No. of Towns 05
No. of Villages 1093
Average rainfall 824.9 mm
Temperature Max.: 45.4º C; Min.: 3.2º C
Postal Code 487001
STD Code 07792
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