Joomla Slide Menu by DART Creations
Loading

किला बल्देवगढ़ :–

बल्देवगढ़ का किला 24–46 उत्तरी अक्षांश एवं 79 – 7 पूर्वी देशांतर पर स्थित है। बल्देवगढ़ का किला चंदेल कालीन ग्वाल सागर तालाब से संलग्न एक बडी पहाडी पर निर्मित है। यह पहाडी दक्षिण से उत्तर को लंबी है। यहां का किला ओरछा के महाराजा विक्रमाजीत सिंह ने (1813–16 ई.) के मध्य बनवाया था। यह लगभग 60 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह ओरछा राज्य का सैन्य दुर्ग था। युद्ध सामग्री तोपें, बास्य, घोडे अस्तवल, हांथी यहां रहते थे। इस किले का मुख्य कीला दरवाला बडा पहाड को काटकर पश्चिम दिशा में बनाया गया था। यह बहुत सदृण दरवाजा है जो 2 पहाड़ों की खंदक के ऊपर है।किला में 3 प्रांगण है पहले प्रांगण में सेना और तोंपे रहती थी इसमें दीवानखाना बना हुआ है जिसमें दीवान रहा करते थे।

इसी प्रांगण में बलदाऊ का मंदिर है बड़ी बड़ी तोंपे इसी खंड़ में रखी रहती है इसी में कपूर साहब चिश्ती की मजार है किले की सबसे ऊँची चोटी आन्हामुण्डा बड़े पहाड़ के शिखर पर है। दूसरे प्रांगण में नीचे तालाब से लगा राजघाट पर राजमहल था इस घाट से हाथी घोडे़ आसानी से पानी पी सकते थें। किले के अंदर रहने वाली महिलाएं स्नान करती थी एवं घाट पर एक शिवालय बना है। जहां ये औरते पूँजा करती थी। तीसरा एक चौक महल है जो चारों तरफ से वेस्थित है यह कचहरी चौक कहां जाता था ऊपर राजनिवास था और नीचे तालाब से संलग्न रानी महल था। जिसमें एक चौपरा महलों के मध्य में है। जिसमें हर समय जल भरा रहता था चौपरा के मध्य में शिवालय है किले के ऊपर एक गौंड़ बाबा का चबूतरा है इसका दूसरा दरवाजा उत्तर की ओर है जिसको खिड़की दरवाजा बोलते थे किले के चारों तरफ 35 से 40 फुट का गलयारा छोड़कर बड़े ऊँचे–ऊँचे गुर्जे है जिनकी संख्या लगभग 22 है पर कोटा के अंदर किला प्रांगण में गर्भगिरावन, भावनीशंकर आदि बड़ी –बड़ी तोपे रखी रहती थी यह किला किन्हीं भी शत्रुओं से सुरक्षित था क्योंकि इसके चारों तरफ तालाब और जंगल रहे है।

बल्देवगढ़ किला बुंदेलखंड के महत्वपूर्ण किलों में से एक है। गर्भगिरावन बहुत विशाल और मोटे तोप है यह तोप किला दरवाजे के अंदर वाले प्रांगण के परकोटा की दूसरी गुर्जे में रखी है यह तोप प्रल्यंकारी थी ऐसा कहां जाता है जब महाराजा विक्रमाजीत ने इसे चलवाया था तो लोग कहते है कि बारह कोश तक के क्षेत्र में इसकी आवाज गरजना से स्त्रियों के गर्भ गिर गये थे जिस कारण से गर्भ गिरावन तोप कहां जाता है तब महाराजा ने इसे किसी समय के लिये उपयोग करने हेतु एक गुर्जे में रखवा दिया था जो आज भी उसी गुर्जे में रखी है।

 
Comments powered by Dis.cuss.It