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चेलना नदी

पावा क्षेत्र जैन धर्मावलम्बियों का तीर्थ स्थल है। इसी क्षेत्र के दक्षिण, पश्चिम की ओर चेलना नदी बहती है। यह बेतवा की सहायक नदी है। चेलना आगे चलकर बेतवा में मिल जाती है। दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र पावा जी क्षेत्र से जैन मुनि को मोक्ष मिला था। यहाँ की पहाड़ी सिद्ध पहाड़ी कहलाती है। यह पहाड़ी चेलना नदी के किनारे स्थित है। यहां अनेक वेदियों वाला मन्दिर, मौसरा गुफा, मंदिर प्रांगण में मान स्तम्भ हैं। गुफा में श्यामवार्णी जैन तीर्थकर श्री शांतिनाथ, अजिनाथ, मल्लिनाथ, चन्द्रप्रभा, पार्श्वनाथ अनंतनाथ, सम्भवनाथ, मूराविर स्वामी की प्रतिमाएं विराजमान हैं। पावा जी सिद्ध क्षेत्र उत्तर प्रदेश के ललितपुर (lalitpur) जिले में झाँसी (Jhansi)-ललितपुर (lalitpur) रोड पर तालबेहट और बबीना के बीच में रोड मार्ग से 3 किलोमीटर दूर है। पावा जी ललितपुर (lalitpur) और झाँसी (Jhansi)से लगभग 50 किलोमीटर दूर है। पावा जी गाँव के कारण इसे पावा जी सिद्ध क्षेत्र कहते हैं। यहाँ साल में एक बार मेला लगता है जहाँ जैन धर्म के श्रद्धालु भक्तिभाव सहित आते हैं। चिरगांव के निकट बेतवा नदी पर परीक्षा में एक बड़ा बाँध बनाया गया है। इससे बड़ी बेतवा नहर निकाली गई है। नौकायन के दृश्य दर्शनीय हैं। मकर संक्रांति पर यहां मेला लगता है।

बेतवा नदी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ कृषि की सिंचाई के लिए एवं अन्य कार्यों की जल आपूर्ति हेतु भी विशेष महत्व है। जहाँ यह धर्मप्राण जनता को धार्मिक संस्कार प्रदान करती है, वहीं इसका जल जीवनदायिनी स्वरूप भी है। इस रूप में माताटीला बाँध परियोजना, हलाली नदी परियोजना, भाण्डेर नहर परियोजना संचालित हैं।